Labour Issue Watch (LIW) is a non-profit independent organization which works to ensure for the rights and well-being of the labour. Anybody and everybody who works to earn a living is a labour. The Fundamental goal of Labour issue watch is to watch the labour force of the urban and rural as this population has been deviant from all the development opportunities and currently in a state of poor livelihood condition. Labour Issue Watch envisions providing livelihood promotion and social inclusion services to the poor and vulnerable with innovative solutions. Asides promoting the empowerment of urban and rural labour communities by encouraging and empowering people to take part in the development process. READ MORE

Friday, July 12, 2019

दरिद्रता और बिमारी (चमकी बुखार) की मार झेलता बचपन

हर बार की तरह से चमकी बुखार यानि एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बिहार के कई बड़े शहरों और गावों को अपनी चपेट में लिया | विशेषज्ञों की माने तो तो बुखार बच्चों की मौत का कारण नहीं है है इसकी वजह वे कुपोषण व अधिक तापमान का होना  कह रहे हैं इस बार भी इन प्रमुख जिलों में गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण हैं।


इसी भीषण समस्या से लड़ने व दुःख व परेशानी बाँटने के लिए भोर एक नयी सुबह और लेबर इशू वाच दोनों ने मिलकर कुछ दवाइयां बांटी व इस बीमारी से लड़ने के उपाए भी बताये | और लोगो की परेशानियाँ भी सुनी जिसमे में प्रमुख इस समय ये थी की जनता सरकार के प्रवंध से खुश नहीं थी इलाज में असंतोष व्याप्त था |


हमारी टीम जब वहा पहुची तो हमने देखा की सच में हालत बहुत ही बदतर हैं कुपोषण आप अपनी आँखों से महसूस कर सकते हैं |
इसका कारण हमें अशिक्षा, बेरोजगारी, व निराशा जनक जीवन जीने को मजबूर लोग हमें लोगो से बात करके ये पता चला की वे सिर्फ इसलिए नहीं पड़े की वे जब स्कूल जाते थे तो उनसे जातीय भेदभाव किया जाता था उनको स्कूल में लगा बैठने को कहा जाता था तथा स्कूल की साफ़ सफाई का कार्य भी इनसे कराया जाता था | आप विश्वास नहीं करेंगे की हमें एक भी व्यक्ति 10वीं से अधिक पढ़ा लिखा नहीं मिला|



वैशाली के जिस क्षेत्र में हम गए थे वह मुसहर (मांझी) व मल्लाह(साहनी) दो समुदाय रहते हैं और दोनों ही आर्थिक व सामाजिक रूप से काफी पिछड़े थे |



जल्दी ही भविष्य में भोर एक नयी सुबह और लेबर इशु वाच इस समुदाय के साथ इनके सैशिक , आर्थिक व सामाजिक विकाश के लिए कार्य शुरू करेंगे.

अतः आपसे आर्थिक व नैतिक सहयोग की अपेक्षा है |

अधिक जानकारी के लिये CLICK HERE

महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आज़ादी, आत्मसम्मान है। स्वयं सहायता समूह (Self Help Group)



महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आज़ादी और आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ने के लिये हमने कमर कस ली है। इसी प्रयास के लिए हमने बिहार के पूर्णिया जिला में स्वंय सहायता समूह की शुरुआत की है। 

इस कार्य को सफल बनाने में लेबर इशू वाच की उपाध्यक्ष व भोर एक नई सुबह की अध्यक्ष लाता शर्मा जी का प्रयास सराहनीय है । इनकी लगन व परिश्रम से  ये कार्य संभव हो पा रहा है। लाता जी का स्वास्थ्य पिछले काफी दिनों से अच्छा नही है। फिर भी कार्य करने की कर्मठता। के चलते वे पीछे नही हठ रही हैं। लगातार कार्य कर रही है। लता जी का समाज के विकास के प्रति लगन का नतीजा है कि वे अपने स्वास्थ्य की परवाह किये विना वे लगातार क्रय कर रही हैं ।

इसके साथ ही इस कार्य मे आदिवासी समुदाय की नेता प्रेमलता जी का भी  
जबदस्त योगदान है इनके बिना सहयोग के जमीनी स्तर पर कार्य को करना असंभव था। प्रेमलता जी की भी कर्मठता है कि वे और भी अधिक समूह बनाने का जिम्मा स्वंय लिया है। 

लेबर इशू वाच और भोर एक नई सुबह ऐसे कर्मठ साथियों का हमेशा आभारी रहेंगे ।

और दोनों संगठन मिलकर समाज के कल्याणकारी कर्यो को रफ्तार से आगे बढ़ाते रहेंगें

आप सभी साथियों से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा रहेगी ये कार्य बिना आर्थिक सहयोग के संभव नही है।

Bhor - Ek Nayi Subah और LABOUR ISSUE WATCH का लक्ष्य समाज को आत्मसक्षम बनाना

Bhor - Ek Nayi Subah और LABOUR ISSUE WATCH का लक्ष्य समाज को आत्मसक्षम बनाना है । इसी कार्य को एक नई दिशा देते हुए हम ग्रामीण महिलाओं को हस्तकला में दक्षता प्रदान कर रहे हैं। व उनके द्वार बनाये गए सामान को बाजार तक लाने व उसका उचित दाम का प्रयास कर रहे हैं।
आप सभी से अनुरोध है कि आप इनका समान खरीद कर आर्थिक रूप शशक्त करने में सहायता करें।
जल्दी ही हम इनके समान को आप तक पहुचाने का प्रयास कर रहे हैं।

 #rural#women #SDGs, #sustainabledevelopmentgoals #economy



अत्मसक्षम व रोजगार की दिशा में एक कदम

हमें आपको बताते हुये ख़ुशी हो रही है की की भोर-एक नई सुबह चैरिटेबल ट्रस्ट और लेबर इशू वाच के प्रयाशों से गाज़ियाबाद की रहने वाली सोनिया और शांती ने मेकअप का कोर्स पूरा कर लिया है | हम इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है |

जैसा की हमारा प्रयास है की सभी सक्षम बनें और आत्म सम्मान से जीवन यापन कर पायें इसी दिशा ये हमारा ये कदम था |

आगे भी इसी प्रकार के प्रयास जारी है आपका सहयोग आपेक्षित |





Saturday, February 3, 2018

Join hands for EDUCATION

Labour Issue Watch, Bhartiye Mahila Kamagar Manch and ILT@NCR have started work as an institution to strengthen education. Under this, we are establishing Nonformal education centers at village level. 
In which children
who do not go to school and who go to school but are weak in studies, we are
working to impart education to these students. Children who have not yet got admission in the school due to any reason

We will work with the mainstream by providing basic education to those children

For this, we have established education centers at village level in Uttar Pradesh. We now have education centers in two separate villages, 80 students are being educated. And soon there is a plan to establish 12 more educational centers in the future.

And in the NCR, two educational centers have been established in which 170 students are being provided education.

This work is being done by voluntary workers.

Wednesday, November 22, 2017

सरकारी शिक्षा भीख जैसा टुकड़ा

शिक्षा किसी भी सरकार की प्राथमिकता में न थी न है। काफी वर्षों से सुरक्षा के नाम पर धन की बर्बादी सरकारों द्वारा की जा रही है। क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कोई इसके बारे में नही पूछ पाता है। न ही कोई सूचना लेने का कोई प्रवधान है। सूचना के अधिकार से भी इसे बाहर रखा गया है। ताकि सरकार मनचाहा पैसे की बर्बादी या कहे लूट कर सके । प्रति वर्ष हमारे देश के कुल बजट में सबसे बड़ा हिस्सा सुरक्षा बजट का होता है । अब सबाल ये उठता है। कि हम सुरक्षित हैं, आतंकवाद समाप्त हो गया या या पड़ोसी देशों से घुसपैठ बंद हो गयी। नही ये लगतार हो रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि जब सरकार की मर्जी होती है तो हमे बताती है जब नही होती तब नही बताती । मेरा मानना है कि सिर्फ दो पंच वर्षीय योजना में शिक्षा का बजट सुरक्षा के बजट जितना कर दिया जाए तो हम विश्व मे प्रथम होंगे शिक्षा में ।

जनता हर बार कुछ सकारात्मक बदलाब के लिए वोट देती है पर हर बार जनता को किसी न किसी रूप में ठगा गया है और जनता फिर से अगले चुनाव का इंतजार करती है। परंतु इस देश मे कोई ऐसी व्यवस्था नही है। जब जनता को सरकाता पसन्द न हो तो उसे उसी समय खारिज कर सके ।

इसके लिए जरूरत है कि जो समाज की समस्याओं की समझ रखते हैं और जो बुद्धिजीवी हैं वे आगे आएं और राजनीति में भाग ले वे राज नीति को अछूत न समझे । हमे जरूरत है कि हम लूटेरों से सत्ता अपने हाथों में ले। और देश के भविष्य का निर्माण करें।

और में अपने सभी साथियों से अनुरोध करना चाहूंगा कि वे अपना कुछ समय व धन स्वाम से निकल कर देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में योगदान दें। https://youtu.be/zyrW1IpfgeU

Sunday, July 3, 2016

नशा पर कार्यशाला (Alcoholism)

आज दिनांक 3 जुलाई 2016 को  लेबर इशू वाच ने LIW YOUTH के सदस्यों के साथ नशा जो की एक सामाजिक समस्या है उस कार्यशाला का आयोजन किया|



Saturday, April 30, 2016

Salute to the Labours - May Day

INTERNATIONAL LABOUR DAY
1st  May 2016
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“Working Men are the foundation of Society”

According to the Universal Declaration of Human Rights (UDHR), all human beings are born free and equal in dignity and rights. Everyone has the right to free choice of employment and to just and favorable conditions of work. All human beings have the right to freedom of movement and all forms of slavery should be prohibited.
                                 
Governments should respect, protect and fulfill human rights. Governments must have an obligation to refrain from subjecting individuals to forced labour and to penalize and prosecute any such acts.

Nobody should be forced to work against their will. Any form of forced labour is a grave violation of human

Rights. However, in many parts of the world men, women and children are trapped in jobs that they were force into by coercion or deception